Sunday, February 8, 2026

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सीमांत विकास परिषद बनेगी, सीमांत जिलों में नवाचार केंद्र स्थापित होंगे: सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को घोषणा की कि प्रदेश के सीमांत इलाकों के सर्वांगीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ (Border Area Development Council) का गठन किया जाएगा। साथ ही सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए नवाचार केंद्र (Innovation Centres) स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने यह घोषणा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) की ओर से आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर गुप्तकाशी (जिला रुद्रप्रयाग) में की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आपदा प्रबंधन जैसी सेवाओं को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य से सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जा रहा है, जो सीमांत जिलों की विशिष्ट चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की रूपरेखा तैयार करेगी और इन इलाकों में आवश्यक सेवाओं का विस्तार करेगी।

सीएम धामी ने बताया कि सीमांत जिलों में प्रस्तावित नवाचार केंद्रों में युवाओं और स्थानीय समुदाय को आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “इन केंद्रों के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों के लोगों को आधुनिक तकनीकी जानकारी के साथ आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सीमांत जनपदों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमताओं को निखारने का मंच प्रदान करते हैं।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है। नए भारत की दिशा और गति विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर भारत आज अंतरिक्ष, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विश्व में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है

उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य चल रहा है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में करें।

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