नई दिल्ली।
दीपावली से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने की घोषणा कर दी है। इस फैसले से रबी सीजन में फसल बोने की तैयारी कर रहे लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
कितना बढ़ा एमएसपी
कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार गेहूं का एमएसपी इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बढ़ाया गया है। नई दरें आगामी रबी विपणन सीजन 2025-26 से लागू होंगी। हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी विस्तार से जारी किए जाने हैं, लेकिन अनुमान है कि प्रति क्विंटल किसानों को अब पहले से कहीं ज्यादा दाम मिलेंगे।
किसानों की जेब में आएगी मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार, एमएसपी में बढ़ोतरी से न केवल किसानों की आय में इजाफा होगा बल्कि उनकी खेती में निवेश क्षमता भी बढ़ेगी। उर्वरक, बीज और डीजल जैसे इनपुट पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में गेहूं का ऊंचा समर्थन मूल्य किसानों के लिए राहत लेकर आया है।
सरकार का लक्ष्य: कृषि उत्पादन और आत्मनिर्भरता
केंद्रीय कृषि मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों को उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम कदम है। मंत्रालय के अनुसार, गेहूं का उत्पादन बढ़ने से न केवल देश की खाद्यान्न जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
किसानों में खुशी, संगठन बोले– देर से सही पर सही कदम
सरकारी घोषणा के बाद किसान संगठनों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया है। भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी ने कहा, “डीजल और खाद की महंगाई से किसान पर बोझ लगातार बढ़ रहा था। सरकार का यह फैसला कुछ राहत देगा। हालांकि, हमारी मांग है कि एमएसपी लागत का डेढ़ गुना तय हो।”
दीवाली पर राहत का पैगाम
त्योहारों से ठीक पहले आए इस फैसले ने किसानों के बीच सकारात्मक संदेश भेजा है। ग्रामीण इलाकों में लोग मान रहे हैं कि इस बार की दीवाली पहले से ज्यादा रोशन होगी, क्योंकि गेहूं बोने वाले किसानों के चेहरों पर उम्मीद की नई चमक लौट आई है।





