चेन्नई/करूर। तमिलनाडु के करूर जिले में हाल ही में हुई भीषण भगदड़ की गूंज अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने जांच के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल करूर भेजने का निर्णय लिया है। यह टीम घटनास्थल का दौरा करेगी और हादसे में प्रभावित हुए परिवारों से मुलाकात कर उनकी व्यथा सुनेगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। वे स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा करेंगे, ताकि हादसे के कारणों और चूक के पहलुओं को समझा जा सके। प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगा, जिसके आधार पर आगे की राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
करूर में हुई इस भगदड़ में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों घायल हुए थे। घटना के बाद से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। कहा जा रहा है कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यह हादसा इतना बड़ा रूप ले सका।
एनडीए नेताओं का कहना है कि प्रभावित परिवारों के दुख-दर्द में सहभागी होना और उन्हें हरसंभव सहयोग देना गठबंधन की प्राथमिकता है। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य केवल तथ्यों की जांच करना ही नहीं, बल्कि पीड़ितों को यह संदेश देना भी है कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है।
इस बीच, राज्य सरकार ने भी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि विपक्ष और स्थानीय संगठनों का कहना है कि सिर्फ जांच आदेश से बात नहीं बनेगी, दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी।





