नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (PRAGATI) मंच की 49वीं बैठक में देशभर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्रियान्वयन में देरी से परियोजनाओं की लागत दोगुनी हो जाती है और आम नागरिकों को जरूरी सेवाओं व बुनियादी ढांचे का लाभ समय पर नहीं मिल पाता। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि तय समयसीमा का पालन करते हुए कामों को पूरा किया जाए।
65 हजार करोड़ की 8 परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में 15 राज्यों में चल रही आठ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर चर्चा हुई। इन परियोजनाओं पर कुल 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। समीक्षा में खनन, रेलवे, जल संसाधन और बिजली जैसे अहम क्षेत्रों की योजनाएं शामिल थीं।
पीएम ने दी समयसीमा तय करने और बाधाएं दूर करने की हिदायत
प्रधानमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए और जहां भी अड़चनें आ रही हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि देरी का खामियाजा न केवल सरकार और कंपनियों को उठाना पड़ता है, बल्कि आम नागरिक भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं।
केंद्र और राज्यों के अधिकारियों से परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण की अपील
आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों के अधिकारियों से कहा कि वे परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाएं और अवसरों को लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में बदलें। उन्होंने जोर दिया कि विकास परियोजनाएं नागरिकों के लिए जीवन आसान बनाने और उद्योगों के लिए व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ाने में मददगार साबित होनी चाहिए।
राज्यों को संस्थागत तंत्र बनाने पर बल
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी के लिए संस्थागत तंत्र तैयार करें। इससे न केवल कार्यान्वयन समय पर हो सकेगा, बल्कि बाधाओं का समाधान भी प्रभावी तरीके से हो पाएगा।





