Top 5 This Week

Related Posts

दो सरकारी बैंक बनेंगे टॉप-20 में शामिल करने की तैयारी

नई दिल्ली। भारत सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2047 तक देश के दो सरकारी बैंकों को दुनिया के शीर्ष 20 बैंकों में शामिल करने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) संपदा के लिहाज से 43वें स्थान पर है। अभी तक भारत का कोई भी बैंक विश्व के शीर्ष 20 बैंकों में जगह नहीं बना पाया है।

मंथन 2025 की शुरुआत

शुक्रवार को वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव की अगुवाई में सभी सरकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। मंथन 2025’ नामक इस कार्यक्रम में बैंकिंग क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैठक शनिवार तक जारी रहेगी।

ग्राहकों को विकसित देशों जैसी सुविधा

सूत्रों के अनुसार, मंथन में इस बात पर जोर दिया गया कि ग्राहकों को विकसित देशों की तर्ज पर आधुनिक और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए सभी बैंकों को उन कारणों का आकलन करने को कहा गया है जिनसे ग्राहक असंतुष्ट रहते हैं।

  • ग्राहकों के फीडबैक और शिकायतों से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए।
  • सभी बैंकों में ग्राहक सेवा से संबंधित एकसमान नियम लागू करने पर भी विचार किया गया।
  • निजी बैंकों को भी ग्राहकों की सुविधा को सरल बनाने के लिए कहा गया।

कृषि और MSME सेक्टर पर फोकस

बैठक में यह भी तय हुआ कि एमएसएमई और कृषि सेक्टर के लिए फंडिंग बढ़ाई जाएगी, ताकि ग्रामीण और छोटे कारोबारियों तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच आसान हो सके।

बदलती भूमिका के लिए तैयारी

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में सरकारी बैंकों की भूमिका पूरी तरह बदल जाएगी। भारत जब 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा, तब बैंकों को भी उसी स्तर पर खुद को ढालना होगा।

Popular Articles