सिद्धार्थनगर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अनुभव कटियार की अदालत ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के मामले में चीन निवासी महिला और उसके भारतीय मित्र को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष का कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह सजा विदेशी अधिनियम और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोपों पर साक्ष्य के आधार पर सुनाई।
कौन हैं अभियुक्त?
अभियुक्त महिला का नाम झू जियाओ जुआन है, जो चीन के सिंचुआ प्रांत के चेंगदू सिटी की निवासी है। उसका भारतीय मित्र दुर्गा प्रसाद मौर्या, जनपद सुल्तानपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र के लखनपुर गांव का रहने वाला है।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
अभियोजन अधिकारी जयहिंद त्रिपाठी के अनुसार, दो दिसंबर 2021 को ढेबरूआ थाना पुलिस ने झू जियाओ जुआन और दुर्गा प्रसाद को गिरफ्तार किया था। एसएसबी की चेक पोस्ट पर तैनात जवानों और एसआई बृजेश सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को भारतीय सीमा में प्रवेश करते समय पकड़ा।
महिला के पास न तो वीजा था और न ही वैध पासपोर्ट दस्तावेज।
पूछताछ में कबूली बात
पुलिस पूछताछ में झू जियाओ जुआन ने बताया कि वह चीन की निवासी है और दुर्गा प्रसाद मौर्या के कहने पर बिना वीजा भारत आ रही थी। दुर्गा प्रसाद ने उससे शादी का वादा किया था और इसी आधार पर उसने यह कदम उठाया।
अदालत का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए दो वर्ष का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिक का बिना वैध दस्तावेज देश की सीमा में प्रवेश गंभीर अपराध है।





