अबू धाबी। भारत और विश्वभर में हिंदू संस्कृति और आस्था का केंद्र बन चुके अबू धाबी स्थित BAPS हिंदू मंदिर में गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने मंदिर की भव्यता और उसकी स्थापत्य कला की सराहना करते हुए इसे “असंभव चमत्कार” बताया।
मंदिर की भव्यता से प्रभावित
मंदिर परिसर में पहुँचने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने संतों और व्यवस्थापकों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस मंदिर का निर्माण न केवल भारतीयों के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह विश्व को भारत की समृद्ध परंपरा और शिल्पकला से भी परिचित कराता है। “रेगिस्तान के बीच इतना विशाल और भव्य मंदिर खड़ा होना अपने आप में अद्भुत है,” उन्होंने भावुक होकर कहा।
भारत-यूएई संबंधों का प्रतीक
प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच गहरे होते सांस्कृतिक व सामाजिक संबंधों का भी प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंदिर आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर शांति और सद्भावना का संदेश देगा।
प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव
धर्मेंद्र प्रधान ने अबू धाबी में बसे भारतीय समुदाय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों के प्रयासों और योगदान से यह असंभव कार्य संभव हो पाया है। यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख
उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पहल और दूरदृष्टि के कारण ही अबू धाबी में हिंदू मंदिर का सपना साकार हो सका।





