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दिव्यांग CAPF कार्मिकों के लिए बड़ा फैसला, गृह मंत्रालय देगा ‘युद्ध चोट भत्ता’, CRPF की पहल पर सभी बलों से मांगे गए प्रस्ताव

नई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के उन बहादुर जवानों और अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर है, जो ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांग हो गए। गृह मंत्रालय ने उन्हें ‘युद्ध चोट भत्ता’ (War Injury Allowance) देने की दिशा में पहल की है। यह कदम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सुझाव पर उठाया गया है।

कैसे शुरू हुई पहल?

दरअसल, अब तक सेना के जवानों को युद्ध में लगी चोट के बाद ‘युद्ध चोट भत्ता’ का प्रावधान था, लेकिन CAPF के कार्मिकों को यह सुविधा नहीं मिल रही थी। CRPF ने इस विषय को उठाते हुए मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा कि ऑपरेशनों में ड्यूटी निभाते समय घायल होकर दिव्यांग हुए CAPF कार्मिकों को भी समान लाभ मिलना चाहिए। गृह मंत्रालय ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए सभी अर्धसैनिक बलों से विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं।

कौन-कौन होंगे लाभार्थी?

यह भत्ता उन जवानों और अधिकारियों को मिलेगा, जो आतंकवाद-रोधी अभियानों, नक्सल विरोधी कार्रवाइयों, सीमा सुरक्षा ऑपरेशनों या अन्य उच्च जोखिम वाले मिशनों के दौरान गंभीर चोटिल होकर दिव्यांग हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसमें अस्थायी और स्थायी दोनों तरह की विकलांगता को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

क्यों है यह अहम?

विशेषज्ञों का कहना है कि CAPF जवान भी देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं पर सेना की तरह ही लगातार जोखिम उठाते हैं। ऐसे में, उन्हें भी बराबरी का सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए। युद्ध चोट भत्ता मिलने से न केवल दिव्यांग कार्मिकों की आर्थिक मदद होगी बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि देश उनके त्याग और बलिदान को भूला नहीं है।

आगे की प्रक्रिया

गृह मंत्रालय ने सभी बलों – BSF, CRPF, ITBP, CISF और SSB – को अपने-अपने सुझाव और प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है। इन प्रस्तावों के आधार पर जल्द ही नीति का प्रारूप तैयार किया जाएगा। उम्मीद है कि निकट भविष्य में इसे मंजूरी मिलते ही हजारों दिव्यांग CAPF कर्मियों को सीधा लाभ होगा।

 

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