नई दिल्ली/मुंबई। एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले ही देश का सियासी माहौल गर्म हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने इस मैच का खुलकर विरोध किया है और इसे देश की जनभावनाओं के साथ विश्वासघात बताया है।
संजय राउत का हमला
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने तीखे शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी इस मैच का विरोध करेगी। उन्होंने ऐलान किया कि “महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी और हमारा अभियान ‘सिंदूर रक्षा अभियान’ होगा। आपने कहा था कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बहेंगे, तो खून और क्रिकेट कैसे साथ-साथ चल सकते हैं? यह देशद्रोह है, यह बेशर्मी है।”
राउत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि “हमारी 26 महिलाओं का सिंदूर मिटा दिया गया था। उनका दर्द और गुस्सा आज भी कायम है। ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना शहीदों का अपमान है। सरकार से नहीं, बल्कि भाजपा, आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से मेरा सवाल है कि क्या इसमें उनकी कोई भूमिका है या नहीं?”
प्रियंका चतुर्वेदी की अपील
इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मैच के सीधा प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कहा था कि राष्ट्रीय हित और जनभावना के मद्देनजर सरकार को प्रसारण बंद करना चाहिए।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “यह मांग मैं सिर्फ एक सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक नागरिक के नाते कर रही हूं, जो अभी भी पहलगाम हमले के गहरे जख्मों से बाहर नहीं आया है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सरकार ने दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति का संदेश दिया था। लेकिन पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना इस संदेश को कमजोर करता है और जनभावनाओं के खिलाफ है।”
विरोध का सियासी असर
भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर शिवसेना (यूबीटी) का विरोध खुलकर सामने आने से विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच नया टकराव खड़ा हो गया है। एक ओर शिवसेना (यूबीटी) इसे ‘देशभक्ति बनाम क्रिकेट’ का मुद्दा बता रही है, वहीं दूसरी ओर अब सबकी निगाहें सरकार के रुख पर टिकी हैं।





