रुद्रप्रयाग। छेनागाड़ आपदा को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। मलबे में दबे लापता लोगों की तलाश अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। आपदा स्थल पर पोकलैंड मशीनों की मदद से भारी मलबा हटाया जा रहा है। वहीं, परिजनों की निगाहें हर पल राहत दल पर टिकी हुई हैं कि शायद उन्हें अपने अपनों का कोई सुराग मिल सके।
राहत दल दिन-रात जुटा
आपदा प्रबंधन टीम, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार घटनास्थल पर डटी हुई हैं। पहाड़ी से गिरे भारी पत्थरों और मलबे को हटाने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे की मोटी परत और कठिन भूगोल के कारण खोज अभियान में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।
परिजन अब भी कर रहे इंतजार
लापता लोगों के परिवारजन 13 दिनों से घटनास्थल पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि वे उम्मीद नहीं छोड़ेंगे, जब तक प्रशासन खोज अभियान पूरा नहीं करता। “हमारे लिए हर गुजरता दिन और मुश्किल होता जा रहा है। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द हमारे अपनों का पता चले,” एक परिजन ने भावुक होकर कहा।
प्रशासन की ओर से आश्वासन
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खोजबीन तब तक जारी रहेगी जब तक अंतिम व्यक्ति का पता नहीं चल जाता। अधिकारियों ने बताया कि पोकलैंड मशीनों और अन्य आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल करके मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही, आपदा प्रभावित इलाके की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त दल भी तैनात किए गए हैं।
अब भी बनी हुई है चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, भूस्खलन और लगातार बारिश से नरम हुई पहाड़ी इस क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील बनाए हुए है। राहत कार्य के दौरान बार-बार बाधाएं खड़ी हो रही हैं। बावजूद इसके, टीमें पूरी मेहनत के साथ मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।





