Top 5 This Week

Related Posts

रक्षा क्षेत्र में 15 साल का रोडमैप तैयार, नौसेना को मिलेगा परमाणु सक्षम विमानवाहक पोत और स्वदेशी लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में आने वाले 15 वर्षों के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इस योजना के तहत भारतीय नौसेना को परमाणु ऊर्जा से संचालित विमानवाहक पोत और अत्याधुनिक स्वदेशी लड़ाकू विमान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र सेनाओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना और देश को आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाई तक पहुंचाना है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस दीर्घकालिक रणनीति में नौसेना, थल सेना और वायुसेना—तीनों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से नौसेना को और अधिक मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति और सशक्त हो सके। इसके लिए परमाणु शक्ति से संचालित विमानवाहक पोत बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है, जो लंबी दूरी तक बिना बार-बार ईंधन भराए समुद्री अभियान संचालित कर सकेगा।

इसके अलावा, नौसेना को जल्द ही स्वदेशी तकनीक से तैयार किए जा रहे Twin Engine Deck Based Fighter (TEDBF) लड़ाकू विमान भी मिलने वाले हैं। इन विमानों को विशेष रूप से विमानवाहक पोतों से उड़ान भरने और उतरने की क्षमता के साथ डिजाइन किया जा रहा है। इनकी तैनाती से नौसेना की मारक क्षमता और भी बढ़ जाएगी।

योजना के तहत वायुसेना को भी नई पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान, ड्रोन और अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों से लैस किया जाएगा। थल सेना को आधुनिक टैंक, आर्टिलरी सिस्टम और नेटवर्क-सक्षम युद्धक तकनीकों से मजबूत बनाया जाएगा।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह 15 वर्षीय रोडमैप भारत को ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में निर्णायक बढ़त दिलाएगा। इसके साथ ही यह पड़ोसी देशों की बढ़ती सैन्य क्षमताओं का संतुलन बनाने और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूत करने का कार्य करेगा।

रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना में स्वदेशीकरण और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे न केवल रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि देश में रोजगार और तकनीकी विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कुल मिलाकर, 15 साल का यह रक्षा रोडमैप भारत की सैन्य क्षमताओं को नए युग में प्रवेश कराने वाला साबित होगा, जिसमें नौसेना सबसे उन्नत हथियारों और प्रणालियों से लैस होगी।

Popular Articles