जोशीमठ (चमोली)। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चमोली जिले के मलारी हाईवे पर स्थिति गंभीर हो गई, जब रविवार देर रात तमक नाले में अचानक बाढ़ आ गई। उफान पर आए पानी ने वहां बना मोटर पुल बहा दिया, जिससे क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देर रात अचानक नाले का जलस्तर बढ़ा और तेज धारा में बहकर पुल पूरी तरह ढह गया। घटना के समय पुल पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि पुल बहने के बाद जोशीमठ-मलारी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे सीमांत क्षेत्र में रहने वाले लोगों और सेना की आवाजाही प्रभावित हुई है।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग बहाल करने और अस्थायी पुल निर्माण की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। लेकिन जब तक नया पुल तैयार नहीं होता, तब तक इस मार्ग पर यातायात ठप रहेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह मार्ग न केवल ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा है, बल्कि सीमा सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है। पुल टूटने से न केवल दैनिक जरूरतें प्रभावित होंगी, बल्कि आपात स्थितियों में भी गंभीर दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में हर साल मानसून के दौरान तमक नाले में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे भूस्खलन और अनियंत्रित बारिश से पहाड़ी नदियों और नालों में अचानक उफान आता है, जिससे इस तरह की घटनाएं बार-बार घट रही हैं।




