नई टिहरी। टिहरी जिले में मंगलवार तड़के बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक आई आपदा में पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गया, जिससे भागीरथी नदी का प्रवाह रुक गया और नदी में अस्थायी झील बन गई। इस आपदा में दो मंदिर मलबे में दब गए, जबकि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि घटना सुबह उस समय हुई, जब लोग अपने दैनिक कार्यों में जुटने की तैयारी कर रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ भारी मात्रा में मलबा नीचे गिरा और नदी का बहाव थम गया। देखते ही देखते नदी पर झील बन गई, जिससे क्षेत्र में नदी के उफान और संभावित बाढ़ का खतरा बढ़ गया।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया गया और नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक उपायों पर काम शुरू किया गया। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया है और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मलबे में दबे दो मंदिर क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थल थे। लोग वहां नियमित पूजा-अर्चना के लिए जाते थे। मंदिरों के दबने से ग्रामीणों में गहरी पीड़ा और आक्रोश है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अचानक नदी के प्रवाह रुकने से बनी झील यदि टूटी तो नीचे बसे गांवों के लिए भारी खतरा पैदा हो सकता है। इसको देखते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सिंचाई विभाग की टीमें पूरी स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।





