Top 5 This Week

Related Posts

2 घंटे में मुंबई से अहमदाबाद! कब शुरू होगी पहली बुलेट ट्रेन? रेलवे ने खुद दे दिया ‘वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट’

नई दिल्ली। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर रेलवे ने बड़ी जानकारी साझा की है। मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेन को लेकर अब आधिकारिक वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें परियोजना के काम, उसकी मौजूदा स्थिति और आगे की समय-सीमा का ब्यौरा दिया गया है।

2 घंटे में तय होगा 508 किमी का सफर
मुंबई और अहमदाबाद के बीच कुल 508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। बुलेट ट्रेन की रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 2 घंटे में पूरी हो जाएगी। फिलहाल यह यात्रा रेल से 6 से 7 घंटे में और हवाई मार्ग से लगभग 1 घंटे में तय होती है।

निर्माण कार्य में आई तेजी
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, भूमि अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है। गुजरात और दादरा-नगर हवेली में 100% भूमि मिल चुकी है, जबकि महाराष्ट्र में भी अधिकांश हिस्सों पर स्वीकृति मिल गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक परियोजना का बड़ा हिस्सा, जैसे कि पिलर और वायाडक्ट का निर्माण, तेजी से आगे बढ़ रहा है।

जापानी तकनीक और सहयोग
इस परियोजना को जापान के सहयोग से बनाया जा रहा है। ट्रेन और सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह जापानी तकनीक पर आधारित होंगे। जापान से ट्रेन सेट्स (कोच और इंजन) की आपूर्ति और ट्रेनिंग की प्रक्रिया भी तय समय पर चल रही है।

कब दौड़ेगी पहली बुलेट ट्रेन?
रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना के पहले चरण को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। संभावना जताई जा रही है कि अहमदाबाद से गुजरात के बिलीमोरा या वडोदरा तक शुरुआती संचालन शुरू किया जा सकता है। पूरा कॉरिडोर, यानी मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन का सफर, 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है।

यात्रियों को क्या सुविधाएँ मिलेंगी
बुलेट ट्रेन पूरी तरह एयरकंडीशंड होगी, इसमें आधुनिक सीटिंग अरेंजमेंट, वाई-फाई, सेफ्टी अलर्ट सिस्टम और ऑनबोर्ड सर्विस उपलब्ध होगी। हर ट्रेन में लगभग 750 से 1,200 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी।

देश के लिए ऐतिहासिक प्रोजेक्ट
सरकार का मानना है कि यह परियोजना भारत की रेल व्यवस्था को नई दिशा देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 2017 में इस महत्वाकांक्षी योजना की नींव रखी थी। इसे ‘नए भारत की आधुनिकता और गति का प्रतीक’ बताया जा रहा है।

Popular Articles