प्रदेश में लगातार हो रही प्राकृतिक आपदाओं से हुए भारी नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की सात सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम जल्द ही उत्तराखंड का दौरा करेगी। यह टीम आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर राज्य को आर्थिक पैकेज दिए जाने पर केंद्र सरकार निर्णय लेगी।
मुख्य सचिव के निर्देश पर राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को 25 अगस्त तक आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह प्रस्ताव अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इसे केंद्र को भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से गठित टीम का नेतृत्व एक संयुक्त सचिव करेंगे। टीम में चीफ इंजीनियर, डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। यह दल उत्तरकाशी जिले के धराली व स्यानाचट्टी, चमोली जिले के थराली, पौड़ी सहित उन सभी क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगा जहां हाल की बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है।
निरीक्षण के बाद यह दल राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट (PDNA) करेगा। इस आकलन के आधार पर केंद्र सरकार राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए पैकेज की घोषणा करेगी।
राज्य के कई विभागों ने आपदा से संबंधित प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही प्रस्तुत कर दी है, जबकि कुछ विभागों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संपूर्ण प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र से आने वाली टीम इस प्रस्ताव का वास्तविक स्थिति से मिलान करेगी और प्रभावित क्षेत्रों में मौके पर जाकर नुकसान की गंभीरता का अध्ययन करेगी।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार से पर्याप्त वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और राहत कार्यों को गति मिल सकेगी।





