नई दिल्ली। भारतीय आभूषण निर्माण की उत्कृष्ट कारीगरी का नमूना पेश करते हुए जॉयअलुक्कास ज्वेलरी के विशाल सोने के झुमकों ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। 16.514 किलोग्राम वजन वाले इन झुमकों को दुनिया के सबसे भारी सोने के झुमकों और सबसे बड़े झुमकों के रूप में मान्यता मिली है। कंपनी ने सोमवार को इसकी घोषणा की।
22 कैरेट सोने से तैयार हुए झुमके
‘मयूर सहस्र’ नाम से तैयार इन झुमकों की खासियत इनका भव्य आकार और बारीक डिजाइन है। 22 कैरेट सोने से बने इन पारंपरिक झुमकों का अनावरण 24 अक्टूबर को दुबई के गोल्ड डिस्ट्रिक्ट स्थित जॉयअलुक्कास के ‘ज्वेल ऑफ जॉय’ स्टोर में किया गया। इस अवसर पर संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री मौजूद रहे।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने दोनों रिकॉर्ड की पुष्टि की। इस उपलब्धि के लिए कंपनी के अध्यक्ष जॉय अलुक्कास और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन पॉल अलुक्कास को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
मोर से प्रेरित है डिजाइन
‘मयूर सहस्र’ का अर्थ है एक हजार मोर। झुमकों का डिजाइन भारतीय संस्कृति में सौंदर्य, शान और गरिमा के प्रतीक मोर से प्रेरित है। इसकी बारीक नक्काशी में मोर के पंखों की सुंदरता को दर्शाया गया है। डिजाइन के पीछे एक पौराणिक कथा की प्रेरणा भी है, जिसमें एक मोर के हजार पंखों में प्रत्येक के साथ एक प्रार्थना, इच्छा और सपना जुड़ा हुआ बताया गया है।
कंपनी के कुशल कारीगरों ने कई महीनों की मेहनत से इस अनूठी कलाकृति को तैयार किया। इसे बनाने में 55 कारीगरों ने कुल 5840 घंटे काम किया। झुमकों की लंबाई करीब 1.215 मीटर और व्यास 0.682 मीटर है।
दुबई में स्थायी रूप से होंगे प्रदर्शित
कंपनी के मुताबिक, इन झुमकों को बिक्री के लिए नहीं रखा जाएगा। इन्हें दुबई के ज्वेल ऑफ जॉय शोरूम में स्थायी रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, जहां स्थानीय लोग और पर्यटक इन्हें देख सकेंगे। इस उपलब्धि को भारतीय आभूषण कला, पारंपरिक डिजाइन और कारीगरों की मेहनत का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन माना जा रहा है।





