नई दिल्ली। मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के संचालन और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर 16 जुलाई को संसद की एक स्थायी समिति बैठक करेगी। बैठक में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, संचालन व्यवस्था और भविष्य में इसे अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, संसदीय समिति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों से परीक्षा आयोजन, व्यवस्थाओं और हाल के अनुभवों पर विस्तृत जानकारी लेगी। समिति यह भी जानना चाहेगी कि परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय तथा निष्पक्ष बनाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
नीट-यूजी देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, जिसमें हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए शामिल होते हैं। परीक्षा के सुचारु संचालन, सुरक्षा प्रबंधन और उम्मीदवारों को होने वाली कठिनाइयों जैसे मुद्दों पर भी समिति विचार-विमर्श कर सकती है।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक के बेहतर उपयोग, पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को कम करने के उपायों पर भी चर्चा होगी। समिति की सिफारिशें भविष्य में परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती हैं।
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा का संचालन पहले भी संसदीय समितियों के एजेंडे में शामिल रहा है। ऐसे में 16 जुलाई की बैठक को मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।





