नई दिल्ली। विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाना अब महंगा हो गया है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए सामान्य पासपोर्ट की फीस में करीब 67 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं। यह बदलाव करीब 14 साल बाद किया गया है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संशोधित नियमों के तहत 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट (नया या दोबारा जारी) की फीस अब 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है। वहीं 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए आवेदकों को अब 3,500 रुपये का भुगतान करना होगा। तत्काल (Tatkaal) सेवा के तहत भी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है।
नई शुल्क व्यवस्था के अनुसार तत्काल पासपोर्ट के लिए 36 पेज वाले पासपोर्ट की फीस बढ़कर 5,000 रुपये और 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस 6,000 रुपये हो गई है। इसके अलावा खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट जारी कराने की फीस में भी बदलाव किया गया है।
विदेश मंत्रालय ने शुल्क बढ़ोतरी के पीछे पासपोर्ट सेवाओं से जुड़ी प्रशासनिक लागत, दस्तावेजों की सुरक्षा, छपाई और प्रक्रिया से जुड़े खर्चों में वृद्धि को कारण बताया है। सरकार का कहना है कि संशोधित शुल्क से पासपोर्ट सेवा की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर आवेदन करने वाले नागरिकों को अब नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा। मंत्रालय ने आवेदकों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले संशोधित शुल्क की जानकारी जरूर जांच लें।
पासपोर्ट शुल्क में यह बदलाव आम यात्रियों, छात्रों और विदेश में रोजगार या शिक्षा के लिए जाने वाले लोगों पर सीधा असर डालेगा। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों और कुछ श्रेणियों के आवेदकों को निर्धारित नियमों के तहत शुल्क में छूट जारी रहेगी।





