चंपावत/लोहाघाट: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय चंपावत दौरे के दौरान पूरी तरह से लोक संस्कृति और भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री ने जनपदवासियों के साथ पारंपरिक कुमाऊँनी खड़ी होली गाकर त्यौहार की खुशियां साझा कीं। इस सांस्कृतिक मिलन के बीच मुख्यमंत्री ने विकास का एजेंडा भी स्पष्ट किया। उन्होंने ऐलान किया कि चंपावत की धार्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए शारदा कॉरिडोर (टनकपुर) और गोलज्यू कॉरिडोर (गोल्डा चैतई की तर्ज पर चंपावत) के निर्माण की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है।
कुमाऊँनी होली का उल्लास: ढोल-दमाऊ की थाप पर थिरके सीएम
चंपावत के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री एक अलग ही अंदाज में दिखे:
- पारंपरिक गायन: मुख्यमंत्री ने स्थानीय होल्यारों (होली गायकों) के साथ ‘सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन…’ जैसी पारंपरिक होली की कड़ियां गाईं।
- जनता के बीच: सुरक्षा घेरे को दरकिनार कर सीएम धामी ने आम लोगों के साथ अबीर-गुलाल खेला और बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया।
- सांस्कृतिक संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध लोक विरासत और आपसी प्रेम का प्रतीक है।
शारदा और गोल्ज्यू कॉरिडोर: धर्म और पर्यटन का संगम
मुख्यमंत्री ने जिले के दो सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप देने की योजना का खाका पेश किया:
- शारदा कॉरिडोर (टनकपुर): मां पूर्णागिरी के प्रवेश द्वार टनकपुर में शारदा नदी के तट को ‘शारदा कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ भव्य घाट, आरती स्थल और रिवर फ्रंट बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को बनारस और हरिद्वार जैसा अनुभव मिल सके।
- गोलज्यू कॉरिडोर (चंपावत): न्याय के देवता भगवान गोलज्यू के ऐतिहासिक मंदिर को भव्य कॉरिडोर का रूप दिया जाएगा। इसके तहत मंदिर परिसर का विस्तार, संग्रहालय का निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास शामिल है।
- मास्टर प्लान: इन दोनों परियोजनाओं के लिए सर्वे का काम अंतिम चरण में है और सरकार ने इनके लिए शुरुआती बजट भी आवंटित कर दिया है।
विकास और विरासत का संतुलन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि चंपावत का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है:
- आदर्श जनपद का विजन: चंपावत को ‘मॉडल जिला’ बनाने के लिए यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
- रोजगार की नई उम्मीद: इन कॉरिडोर के बनने से स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को गाइड, होमस्टे और व्यापार के माध्यम से प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
धार्मिक पर्यटन का सर्किट: शारदा और गोल्ज्यू कॉरिडोर को भविष्य में ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ से जोड़कर एक वृहद धार्मिक सर्किट तैयार किया जाएगा।





