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हरीश रावत की इच्छा, अब बेटे आनंद को मिले चुनावी मौका; बोले- मैंने हर बार कहा था, ‘वेट, योर टर्न विल कम’

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अपनी राजनीतिक विरासत को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी दिली इच्छा है कि उनके छोटे बेटे आनंद रावत इस बार चुनावी मैदान में उतरें और उत्तराखंड के प्रति उनकी सोच को आगे बढ़ाएं।

हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने कई मौकों पर बेटे से चुनाव लड़ने के लिए इंतजार करने को कहा। उन्होंने बताया कि जब आनंद यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब भी उन्होंने लालकुआं से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन पार्टी हित में उन्हें मौका नहीं दिया गया। वर्ष 2017 में आनंद ने जसपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई, लेकिन उस समय भी पार्टी ने अलग रणनीति अपनाई। रावत के मुताबिक उन्होंने तब भी बेटे से कहा था, “वेट, योर टर्न विल कम।”

ऐसी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा

रावत ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को संकेत दिया है कि यदि किसी ऐसी सीट पर पार्टी के पास मजबूत दावेदार नहीं है, जहां लंबे समय से कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी है, तो आनंद रावत को मौका दिया जा सकता है। उनके अनुसार आनंद ने भी ऐसी सीट चुनी है, जिस पर कांग्रेस वर्ष 1984 से जीत दर्ज नहीं कर सकी है।

उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि उत्तराखंड को लेकर उनकी सोच और राज्य से उनके रिश्ते को आगे बढ़ाने वाला कोई व्यक्ति सामने आए। रावत ने आनंद में इसके लिए संभावनाएं होने की बात कही।

बेटी अनुपमा का भी किया जिक्र

हरीश रावत ने अपनी बेटी अनुपमा का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी ऐसी सीट चुनी थी, जहां कांग्रेस लंबे समय से नहीं जीती थी। अनुपमा ने हरिद्वार ग्रामीण से चुनाव लड़ा था और अब भी राजनीतिक मैदान में सक्रिय हैं। रावत ने कहा कि पार्टी यदि जिम्मेदारी देती है तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहेंगी।

रावत ने अपने बेटे को मौका देने की इच्छा को परिवारवाद कहे जाने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि किसी सीट पर आनंद का दावा बनता है और वह जीतने की क्षमता रखता है, तो उसे चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।

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