नई दिल्ली। साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार सीसीटीवी कैमरों से जुड़े सुरक्षा मानकों का दायरा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकार की योजना इंटरनेट से जुड़े उपकरणों (IoT) और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणालियों के लिए भी कड़े सुरक्षा नियम लागू करने की है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों के लिए लागू किए गए सुरक्षा मानकों की तर्ज पर अन्य क्षेत्रों में भी प्रमाणन और तकनीकी जांच की व्यवस्था की जा सकती है। इसका उद्देश्य ऐसे उपकरणों से जुड़े साइबर जोखिमों को कम करना और संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने पहले ही सीसीटीवी प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक मानक अधिसूचित किए हैं। इन नियमों के तहत सरकारी विभागों को ऐसे सीसीटीवी उपकरणों की खरीद से रोका गया है जो निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते।
सरकार का मानना है कि इंटरनेट से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इनके जरिए साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में स्मार्ट मीटर, निगरानी उपकरण और अन्य IoT आधारित प्रणालियों के लिए भी सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, नए नियमों का उद्देश्य किसी खास देश या कंपनी के उत्पादों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भारत में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल उपकरण सुरक्षा और विश्वसनीयता के तय मानकों पर खरे उतरें। इसके लिए तकनीकी परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सकता है।
गौरतलब है कि सरकार ने सीसीटीवी कैमरों से सूचना लीक होने की आशंकाओं को देखते हुए पहले भी सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए थे। मंत्रालयों और सरकारी संस्थानों को सलाह दी गई थी कि वे केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों वाले निगरानी उपकरणों का ही इस्तेमाल करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ढांचे के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है। आने वाले समय में संवेदनशील क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू होने की संभावना है, जिससे देश की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिल सकेगी।





