नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि वर्ष 2026 में क्षेत्र में शुरू हुए संघर्ष के बाद अब तक 16 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि 75 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में 10 भारतीय नाविक भी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, संघर्ष के दौरान मारे गए भारतीयों में अलग-अलग देशों में रहने और काम करने वाले नागरिक शामिल हैं। मृतकों की संख्या ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, ईरान, इराक और सऊदी अरब जैसे देशों में दर्ज की गई है।
सरकार ने बताया कि संघर्ष के कारण 75 भारतीय नागरिक घायल भी हुए हैं। इनमें यूएई में 32, ओमान में 24, कुवैत में 13, कतर में चार और सऊदी अरब तथा इजरायल में एक-एक नागरिक के घायल होने की जानकारी दी गई है।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में कहा कि सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भारतीय दूतावास और मिशन प्रभावित नागरिकों तथा उनके परिवारों के संपर्क में हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे के कारण कई भारतीय समुद्री कर्मचारियों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। सरकार ने प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने की बात कही है।
इसके अलावा, सरकार ने बताया कि कतर में एक गैस सुविधा में हुए अलग हादसे में भी 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। हालांकि, यह घटना पश्चिम एशिया संघर्ष से सीधे जुड़ी नहीं थी।
केंद्र सरकार ने कहा है कि वह क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर रख रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वहां रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।





