नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि सीमा पार आतंकवाद जारी रहने तक सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) निलंबित रहेगी। भारत ने कहा कि आतंकवाद और किसी भी प्रकार का सामान्य द्विपक्षीय सहयोग साथ-साथ नहीं चल सकते तथा पाकिस्तान को पहले आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कदम उठाने होंगे।
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सिंधु जल संधि का वर्तमान स्वरूप तब तक बहाल नहीं किया जा सकता, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं करता। भारत ने दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी आधार पर संधि को निलंबित रखने का निर्णय लिया गया है।
भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास कर रहा है, जबकि वास्तविक मुद्दा सीमा पार आतंकवाद है। भारतीय पक्ष ने कहा कि आतंकवाद को राज्य की नीति के रूप में अपनाने वाले देश को पहले अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि सिंधु जल संधि पर आगे कोई भी विचार तभी संभव होगा, जब पाकिस्तान आतंकवादी ढांचे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करेगा और द्विपक्षीय विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाएगा। सरकार का कहना है कि वर्षों से बदलती परिस्थितियों और लगातार जारी आतंकवादी गतिविधियों ने संधि के मौजूदा स्वरूप को अप्रासंगिक बना दिया है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में भारत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित करने का निर्णय लिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने इस मुद्दे को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया, लेकिन भारत ने लगातार अपना रुख दोहराते हुए कहा है कि आतंकवाद और सहयोग एक साथ नहीं चल सकते।





