वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham की अचानक हुई मौत के बाद अमेरिका और ईरान में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। ईरान में कई मीडिया संस्थानों और समर्थकों ने उनकी मौत पर खुशी जाहिर की, जबकि अमेरिका में कुछ लोगों ने इसे लेकर कई तरह की साजिश वाली अटकलें फैलानी शुरू कर दीं।
लिंडसे ग्राहम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति और तेहरान पर सख्त रुख के समर्थक रहे थे। वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर कड़े कदम उठाने की वकालत करते रहे थे। इसी वजह से ईरान में उनकी छवि एक कट्टर विरोधी नेता के रूप में रही।
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ सरकारी और कट्टरपंथी समर्थक समूहों ने ग्राहम की मौत पर जश्न मनाया और उनके पुराने बयानों का हवाला देते हुए उनकी आलोचना की। वहीं, अमेरिकी राजनीतिक हलकों में उनकी मौत को लेकर सोशल मीडिया पर कई अपुष्ट दावे सामने आए।
अमेरिका में फैली साजिश की थ्योरी में ईरान, रूस और अन्य देशों पर बिना सबूत आरोप लगाए गए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार ग्राहम की मौत को लेकर किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों और जांच से जुड़े शुरुआती निष्कर्षों में इसे स्वास्थ्य संबंधी कारणों से हुई मौत बताया गया है।
ग्राहम की मौत ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य और कूटनीतिक कदमों का समर्थन करने वाले ग्राहम लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का एक प्रमुख चेहरा रहे थे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी प्रमुख नेता की अचानक मौत के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें और साजिश संबंधी दावे तेजी से फैलते हैं। ग्राहम की मौत के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां एक ओर ईरान में राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में कई अपुष्ट दावे चर्चा में रहे।





