Top 5 This Week

Related Posts

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगा नया एंटी पेपर लीक कानून, सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल पर कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली। देशभर में सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार को बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ही यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा और पेपर लीक तथा संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में पहले से अधिक सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

नए कानून के तहत पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी या अन्य माध्यमों से हस्तक्षेप करने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। राज्यों में ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचा जा सके।

सरकार का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने और परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से कानून को और अधिक मजबूत बनाया गया है।

यह संशोधन पहले संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका था। विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार ने इसे युवाओं के हित में बड़ा कदम बताते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य ईमानदार अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त दंड, तेज सुनवाई और जवाबदेही बढ़ने से पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का बेहतर अवसर मिल सकेगा।

Popular Articles