भारत और कनाडा ने आश्वस्त किया है कि दोनों देशों के तनाव के असर दोनों देशों के बीच कारोबार पर नहीं होगा। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा, हम कारोबारी रिश्तों को लेकर चिंतित नहीं हैं। कनाडा के साथ हमारे कारोबारी रिश्ते बहुत बड़े नहीं हैं। दोनों देशों के बीच करीब साढ़े आठ अरब डॉलर का आयात और निर्यात होता है। कनाडा भारत को मिनरल्स, दालें, पोटाश, औद्योगिक रसायन और रत्न पत्थरों का निर्यात करता है जबकि भारत से मोती, सैन्य उपकरण, दवाओं, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का आयात करता है। कनाडा की वाणिज्य मंत्री मेरी एनजी ने सोमवार को कहा, मैं अपने देश के कारोबारी समुदाय को आश्वस्त करती हूं कि हमारी सरकार भारत और कनाडा के बीच स्थापित कारोबारी रिश्तों को मजबूती से जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत में कारोबार कर हरे कनाडाई व्यापारियों के साथ हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत बने रहें। अगस्त महीने में कनाडा ने भारत को 27.9 करोड़ डॉलर के सामान का निर्यात किया जबकि भारत से 32.4 करोड़ का आयात किया। यह पिछले अगस्त के मुकाबले 14 फीसदी अधिक है।
भारत के बाजारों में कनाडा की ओर से करीब 54 अरब डॉलर का निवेश किया गया है और सूत्रों का मानना है कि इस स्थिति में भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं आने वाला। भारत में कनाडा की 600 से अधिक कंपनियां कारोबार कर रही हैं। ये कंपनियां आईटी, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी हैं। 1000 से अधिक कंपनियां भारत में कारोबार के लिए आना चाहती हैं।





