नई दिल्ली। म्यांमार में शुक्रवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.2 मापी गई। स्थानीय समय के अनुसार रात 10 बजकर 36 मिनट पर आए भूकंप के बाद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी के घायल होने या जान गंवाने की सूचना नहीं मिली है।
म्यांमार भूकंप के लिहाज से संवेदनशील देशों में शामिल है। इसकी भौगोलिक स्थिति और सक्रिय भूगर्भीय हलचल के कारण यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। देश भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों की गतिविधियों के कारण यहां भूकंपीय जोखिम बना रहता है।
सागाइंग फॉल्ट से कई क्षेत्रों को खतरा
म्यांमार में लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी सागाइंग फॉल्ट प्रमुख भूकंपीय जोखिम का कारण है। यह फॉल्ट सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून जैसे क्षेत्रों के लिए खतरा बढ़ाती है। इन इलाकों में देश की बड़ी आबादी रहती है।
यांगून शहर सागाइंग फॉल्ट से दूर होने के बावजूद घनी आबादी के कारण भूकंप के दौरान जोखिम का सामना कर सकता है। वर्ष 1903 में बागो में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप का असर यांगून में भी महसूस किया गया था।
फिलहाल शुक्रवार रात आए भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति पर आगे की जानकारी मिलने के साथ नुकसान का आकलन स्पष्ट हो सकेगा।





