नई दिल्ली, 30 सितंबर। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के आरोपी कारोबारी मेहुल चोकसी ने ब्रिटेन की लंदन हाई कोर्ट में भारत सरकार और एक हंगेरियन महिला के खिलाफ दायर करोड़ों पाउंड के हर्जाने का मुकदमा वापस ले लिया है। चोकसी ने आरोप लगाया था कि मई 2021 में एंटीगुआ से उसके कथित अपहरण के पीछे भारत सरकार और अन्य लोगों की साजिश थी।
चोकसी का दावा था कि 23 मई 2021 को हंगेरियन नागरिक बारबरा जाराबिक ने कथित तौर पर उसे एक अपार्टमेंट में बुलाया था। इसके बाद उसे जबरन नाव के जरिए डोमिनिका ले जाया गया और वहां उसके साथ मारपीट व धमकी दी गई। चोकसी ने इस पूरी घटना को भारत लाने के लिए रची गई कथित ‘हनीट्रैप’ साजिश बताया था। हालांकि, मामले में नामित सभी लोगों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।
कोर्ट ने मांगी थी बड़ी रकम
मामले की सुनवाई के दौरान लंदन हाई कोर्ट ने चोकसी को चार पुरुष प्रतिवादियों के कानूनी खर्चों की सुरक्षा के लिए कुल 6.77 लाख पाउंड जमा करने का आदेश दिया था। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि उनके दावे के समर्थन में उपलब्ध काफी सबूत सुनी-सुनाई जानकारी पर आधारित थे और कथित अपहरण तथा मारपीट को लेकर चोकसी के अलावा कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं था।
चोकसी निर्धारित समय सीमा में यह राशि जमा नहीं कर सके। इसके बाद चार पुरुष प्रतिवादियों के खिलाफ उनका दावा खारिज कर दिया गया। बाद में उन्होंने भारत सरकार और बारबरा जाराबिक के खिलाफ बचा हुआ मुकदमा भी वापस ले लिया।
चोकसी फिलहाल बेल्जियम की जेल में है और भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। भारत में उस पर PNB से जुड़े करीब 13,500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में शामिल होने का आरोप है। मुकदमा वापस लेने के बाद उसके अपहरण संबंधी आरोपों पर लंदन हाई कोर्ट की ओर से कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।




