तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। बीती रात अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा दिया है। इजरायली लड़ाकू विमानों और अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहर जोरदार धमाकों से दहल उठे। ईरान के रक्षा तंत्र और परमाणु केंद्रों के करीब हुए इन हमलों ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) पूरी तरह से बदल गया है और नागरिक उड़ानों के लिए यह क्षेत्र एक ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ जैसा नज़र आ रहा है।
सर्जिकल स्ट्राइक जैसा हमला: निशाना बने सैन्य डिपो और रडार
सूत्रों के अनुसार, यह हमला बेहद सटीक और सुनियोजित था:
- रडार और एयर डिफेंस सिस्टम: सबसे पहले ईरान के शुरुआती चेतावनी रडार और ‘एस-300’ जैसे एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त किया गया ताकि जवाबी कार्रवाई को रोका जा सके।
- मिसाइल बेस पर प्रहार: इस्फ़हान और करज जैसे इलाकों में स्थित मिसाइल निर्माण इकाइयों और ड्रोन ठिकानों पर दर्जनों मिसाइलें दागी गईं।
- अमेरिका की भूमिका: अमेरिकी नौसेना ने लाल सागर और भूमध्य सागर में तैनात अपने युद्धपोतों से लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए इस ऑपरेशन में सामरिक सहयोग दिया।
कैसा दिख रहा है एयरस्पेस? उड़ानों का रास्ता बदला
हमलों के बाद मिडिल ईस्ट का आसमान किसी युद्ध के मैदान जैसा दिख रहा है:
- एयरस्पेस बंद: ईरान, इराक और जॉर्डन ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र को नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है।
- फ्लाइट रडार पर सन्नाटा: ग्लोबल फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर ईरान के ऊपर से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नदारद हैं। विमानों को अब लंबी दूरी तय कर तुर्की या सऊदी अरब के रास्ते मोड़ा जा रहा है।
- हजारों यात्री फंसे: दुबई, दोहा और इस्तांबुल जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं क्योंकि दर्जनों उड़ानों को रद्द या डायवर्ट कर दिया गया है।
ईरान का रुख: ‘कठोर जवाब’ की चेतावनी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है:
- प्रतिशोध का संकल्प: ईरान ने कहा है कि वह सही समय पर इजरायल को “दांत खट्टा करने वाला” जवाब देगा।
- परमाणु केंद्रों की सुरक्षा: तेहरान का दावा है कि उनके परमाणु ऊर्जा केंद्र सुरक्षित हैं, हालांकि उन पर हमलों की कोशिश की गई थी।
अंतरराष्ट्रीय चिंता: क्या तीसरा विश्व युद्ध करीब है?
विश्व की महाशक्तियां इस स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं:
- संयुक्त राष्ट्र (UN): यूएन ने दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है ताकि यह संघर्ष एक पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध में न बदल जाए।
- रूस और चीन: दोनों देशों ने अमेरिका और इजरायल की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाला कदम बताया है।
- तेल की कीमतें: युद्ध की आहट के साथ ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5% से अधिक का उछाल देखा गया है।





