मंडी, हिमाचल प्रदेश: मंडी के छात्रों ने जकार्ता, इंडोनेशिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और नवाचार प्रतियोगिता में स्मार्ट डैम मॉडल के लिए वैश्विक पुरस्कार जीता है। इस उपलब्धि ने न केवल छात्रों और उनके स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षा और नवाचार क्षेत्र में भी गर्व का पल लाया है।
प्रतियोगिता में दुनिया भर के विद्यार्थियों ने अपने विज्ञान और तकनीकी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। मंडी के छात्रों ने अपने मॉडल में जल संरक्षण और स्मार्ट डैम तकनीक का समावेश किया, जिससे जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण में सुधार हो सके। उनके इस प्रयास को जूरी ने अत्यधिक सराहा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार से सम्मानित किया।
स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पीछे छात्रों की मेहनत, शिक्षक का मार्गदर्शन और स्थानीय जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता थी। छात्रों ने केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट इंजीनियरिंग के महत्व को भी प्रदर्शित किया।
विद्यार्थियों ने बताया कि उनका उद्देश्य सामाजिक और पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान विज्ञान के माध्यम से करना है। इस पुरस्कार ने उन्हें और अधिक प्रोत्साहित किया है कि वे भविष्य में भी ऐसे अभिनव प्रोजेक्ट्स पर काम करें, जो समाज और प्रकृति दोनों के लिए लाभकारी हों।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग ने भी छात्रों की इस उपलब्धि को सराहा और कहा कि राज्य के युवा भविष्य के वैज्ञानिक और इंजीनियर बनने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। यह उपलब्धि स्थानीय विद्यार्थियों को प्रेरित करेगी कि वे भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करें।




