नई दिल्ली। भारत और कंबोडिया ने द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को लेकर चल रही वार्ता पूरी कर ली है। दोनों देशों के बीच यह समझौता निवेश को बढ़ावा देने, निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
द्विपक्षीय निवेश संधि का उद्देश्य दोनों देशों के निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना और दूसरे देश में किए गए निवेश को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करना है। इससे भारत और कंबोडिया के बीच निवेश प्रवाह बढ़ने के साथ व्यापारिक सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर
भारत और कंबोडिया के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों देश लंबे समय से व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। वर्ष 2024 में दोनों देशों के संयुक्त कार्य समूह की बैठक में भी द्विपक्षीय निवेश संधि के साथ व्यापार में विविधता लाने, फार्मा क्षेत्र में सहयोग और भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
बैठक में कंबोडिया ने भारतीय कंपनियों के लिए अपने यहां उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी भी साझा की थी। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग तथा संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर सहमति जताई थी।
निवेशकों को मिल सकती है सुरक्षा
BIT के तहत दोनों देशों के निवेशकों को दूसरे देश में निवेश के लिए अधिक भरोसेमंद और स्पष्ट व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। भारत सरकार पहले भी ऐसी संधियों को निवेश को बढ़ावा देने और निवेशकों के हितों की रक्षा के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में रेखांकित कर चुकी है।
वार्ता पूरी होने के बाद अब संधि को अंतिम रूप देने और संबंधित प्रक्रियाएं पूरी करने की दिशा में कदम बढ़ेंगे। माना जा रहा है कि समझौते के प्रभावी होने से भारत और कंबोडिया के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।





