नई दिल्ली। उत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। जम्मू-कश्मीर में 100 से अधिक गांव सड़क संपर्क से कट गए हैं, जबकि खराब मौसम को देखते हुए अमरनाथ और माता वैष्णो देवी यात्राएं एहतियातन अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी और डोडा सहित कई जिलों में भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दलों को तैनात किया है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी लगातार बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग बाधित हो गए हैं तथा पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
खराब मौसम और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों तथा माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है और मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की है। केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है और स्थानीय प्रशासन को लोगों की सुरक्षा तथा त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन हाई अलर्ट पर है और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।





