चमोली, बद्रीनाथ हाईवे के पास जंगल की आग को बुझाने के प्रयास के दौरान एक फायर वॉचर की दर्दनाक मौत हो गई। अधिकारीयों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब फायर वॉचर रेस्क्यू और आग पर नियंत्रण पाने के लिए खतरनाक इलाके में काम कर रहे थे और अचानक एक खाई में गिर गए।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि घायल फायर वॉचर को तुरंत निकाला गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना से मौके पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों में शोक और तनाव व्याप्त है।
वन विभाग और स्थानीय पुलिस ने कहा कि यह घटना जंगल की आग बुझाने के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए भी हो सकती है। अधिकारियों ने फायर वॉचर्स और अन्य कर्मियों को आग और खतरनाक इलाके में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने के लिए चेताया है।
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तुरंत सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने का निर्णय लिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और हवा की स्थिति जंगल की आग को तेजी से फैलने में मदद कर सकती है, जिससे रेस्क्यू और आग बुझाने का कार्य और जोखिमपूर्ण बन जाता है। अधिकारियों ने आम जनता और वनकर्मियों से आग से जुड़े खतरों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।
चमोली जिले में जंगल की आग की घटनाएं इस मौसम में बढ़ती रहती हैं, और ऐसे हादसे सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की जरूरत को दर्शाते हैं। वन विभाग ने सभी फायर वॉचर्स और राहतकर्मियों को प्रशिक्षित करने और आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है।





