देहरादून। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। समिति अब अपनी रिपोर्ट बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को जल्द सौंपेगी।
मामला सामने आने के बाद BKTC ने निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति ने सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच की। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट में सभी तथ्यों को शामिल किया गया है और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर सोशल मीडिया पर आरोप सामने आए थे। इसके बाद मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। BKTC ने स्पष्ट किया था कि मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
जांच के दौरान समिति ने संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की और रिकॉर्ड की पड़ताल की। प्रारंभिक जांच के आधार पर एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
इस विवाद के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग से उच्चस्तरीय जांच की प्रक्रिया शुरू की थी। सरकार की ओर से गठित समिति को भी चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
BKTC अधिकारियों का कहना है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और मंदिर प्रशासन किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले पर अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किन कदमों की जरूरत होगी।





