नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया तीन देशों की विदेश यात्रा को भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पार्टी का कहना है कि इस दौरे ने भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत किया है तथा रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोले हैं।
भाजपा के अनुसार, प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली। दोनों देशों ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों सहित रक्षा प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और सामरिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने, डिजिटल कनेक्टिविटी और व्यापारिक साझेदारी बढ़ाने पर भी कई अहम समझौते हुए।
भाजपा का कहना है कि यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘इंडो-पैसिफिक’ नीति को नई गति देने वाली साबित हुई है। पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद और प्रभावशाली रणनीतिक साझेदार के रूप में उभर रहा है।
भाजपा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा निर्यात, ऊर्जा सहयोग और निवेश के नए अवसर विकसित होंगे। पार्टी के अनुसार, इन समझौतों का दीर्घकालिक लाभ भारत की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव को मिलेगा।
वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और चीन से जुड़े सुरक्षा मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विपक्ष का कहना है कि विदेश यात्राओं के साथ-साथ सीमा सुरक्षा से जुड़े सवालों का भी संतोषजनक जवाब दिया जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति, रक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इन समझौतों के प्रभाव का आकलन उनके क्रियान्वयन और दोनों देशों के बीच सहयोग की गति के आधार पर किया जाएगा।





