प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। यह भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत निर्मित उन 10 आधुनिक भवनों में से एक है, जो केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एकीकृत और दक्ष कार्यक्षमता के तहत लाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे हैं।
कौन-कौन से मंत्रालय होंगे कर्तव्य भवन में?
इस अत्याधुनिक कार्यालय परिसर में निम्नलिखित मंत्रालय और विभाग स्थानांतरित किए जाएंगे:
- गृह मंत्रालय
- विदेश मंत्रालय
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME)
- कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT)
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का कार्यालय
परियोजना के लाभ: दक्षता से लेकर करोड़ों की बचत तक
- इन भवनों के निर्माण से 1,500 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के किराये की बचत होगी।
- यह भवन करीब 5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें दो बेसमेंट और सात मंजिलें (भूतल + 6) शामिल हैं।
- भवन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह 30% कम ऊर्जा की खपत करता है।
प्रमुख सुविधाएं और पर्यावरणीय पहल
- आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, कमांड सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी
- सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन
- एलईडी लाइटिंग, स्मार्ट लिफ्ट्स, ऑटोमैटिक लाइट कंट्रोल सेंसर
- अपशिष्ट जल पुनः उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली
- ध्वनि और ताप नियंत्रण के लिए विशेष कांच की खिड़कियां
पुरानी इमारतों से नया युग
फिलहाल कई मंत्रालय शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतों से संचालित हो रहे हैं, जिनका निर्माण 1950 से 1970 के दशक में हुआ था। कर्तव्य भवन-3 इन मंत्रालयों को एकीकृत, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल में परिवर्तित करेगा।
जनसभा को करेंगे संबोधित
उद्घाटन के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 6 बजे कर्तव्य पथ पर एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित करेंगे, जहां वह इस परियोजना के महत्व और भविष्य के रोडमैप पर बात कर सकते हैं।





