नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने तथा रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बातचीत को सौहार्दपूर्ण और सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा अपने संबंधों में आई सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश मिलकर अधिक स्थिर और समृद्ध विश्व के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर जोर
दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत जल्द से जल्द पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देना और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तैयार करना है।
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के प्रयासों को समर्थन देने पर भी जोर दिया। बातचीत में रक्षा, वित्त, सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का भी स्वागत किया गया।
दिसंबर में कनाडा जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में कनाडा की यात्रा करेंगे। दोनों नेता प्रस्तावित यात्रा से पहले संपर्क बनाए रखने और साझा प्राथमिकताओं पर काम जारी रखने के लिए सहमत हुए हैं।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू भारत में व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद हैं। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की भी इसी सप्ताह नई दिल्ली यात्रा प्रस्तावित है। इन बैठकों का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा और दोनों देशों के बीच जन-संपर्क से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाना है।
सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा
दोनों देशों के बीच हाल में हुई सुरक्षा वार्ता का भी स्वागत किया गया। इसमें आतंकवाद, संगठित अपराध और कानून प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के प्रयास शामिल हैं।
भारत और कनाडा के बीच हाल के महीनों में उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ा है। दोनों देशों का जोर अब इस सकारात्मक माहौल को व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में ठोस उपलब्धियों में बदलने पर है।





