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पहलगाम हमले की पहली बरसी: ‘भारत भूलता नहीं, प्रहार होगा निर्णायक’; भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ दोहराया अपना अडिग संकल्प

नई दिल्ली/श्रीनगर: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना ने मंगलवार को देश के शत्रुओं को एक अत्यंत कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। आतंकवाद के विरुद्ध भारत के शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) के रुख को दोहराते हुए सेना ने कहा कि शांति की राह में बाधा डालने वालों और सीमाओं का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया न केवल त्वरित होगी, बल्कि निर्णायक और न्यायपूर्ण भी होगी। यह संदेश पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई की भावना को एक बार फिर जीवंत करता है।

‘जब सीमाएं लांघी जाती हैं, तो न्याय होता है’

भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से एक प्रेरक और सख्त पोस्ट साझा किया है। इस संदेश में सेना ने राष्ट्र की सुरक्षा और स्वाभिमान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है:

  • सख्त चेतावनी: सेना के संदेश में स्पष्ट कहा गया है, “जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलकर रहता है।”
  • राष्ट्रीय एकता का प्रतीक: पोस्ट में आगे लिखा गया है कि भारत इन चुनौतियों के सामने एकजुट खड़ा है। ‘भारत भूलता नहीं’ का यह जुमला उन तत्वों के लिए एक चेतावनी है जो भारतीय सीमाओं की अखंडता को चुनौती देने का दुस्साहस करते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य की एक गाथा

यह संदेश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ से ठीक पहले आया है। विदित हो कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया था।

  • ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई: पहलगाम हमले के बाद भारत ने रक्षात्मक रुख छोड़कर आक्रामक रणनीति अपनाई थी, जिसके तहत आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया था।
  • शहीदों को नमन: सेना का यह संदेश उन वीर जवानों को भी एक श्रद्धांजलि है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

सीमाओं पर सुरक्षा तंत्र बेहद मजबूत

सैन्य सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में जम्मू-कश्मीर और नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

  • ड्रोन और आधुनिक तकनीक: घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए सेना अब अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम और कॉम्बैट ड्रोन्स का उपयोग कर रही है।
  • रणनीतिक बढ़त: सेना का संदेश इस बात का भी प्रतीक है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि आतंकवाद की जड़ पर प्रहार करने की क्षमता रखता है।

देशभर में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार

सेना के इस साहसी संदेश के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों ने भारतीय जवानों के प्रति अपना अटूट विश्वास व्यक्त किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आधिकारिक बयान मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा होते हैं, जो दुश्मन के मनोबल को तोड़ने और अपने नागरिकों में सुरक्षा की भावना भरने का काम करते हैं।

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