अलमारी की चाबी अपनी जगह, साढ़े सात लाख नकद और सात लाख के जेवर गायब; करीबी पर शक
हल्द्वानी। डहरिया में पांच सितंबर को दो बेटे अलग-अलग कमरों में बेहोश मिले और परिवार सुशीला तिवारी अस्पताल में जिंदगी की जद्दोजहद करता रहा। करीब 30 घंटे बाद जब होश आया और महिला घर लौटी तो वहां दूसरा ही झटका इंतजार कर रहा था। अलमारी से करीब साढ़े सात लाख रुपये नकद और लगभग सात लाख रुपये के सोने के आभूषण गायब थे। सबसे बड़ा सवाल यह कि अलमारी की चाबियां अपनी जगह पर थीं। अब महिला ने पुलिस को तहरीर देकर मामले के खुलासे की मांग की है।
डहरिया, रामपुर रोड निवासी रीता बोरा पत्नी स्वर्गीय योगेंद्र सिंह बोरा के अनुसार पांच सितंबर को उनके दोनों पुत्र घर के अलग-अलग कमरों में बेहोशी की हालत में मिले। परिवार में अफरा-तफरी मच गई और दोनों को तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान करीब 30 घंटे बाद दोनों को होश आया।
इसके बाद जब रीता घर पहुंचीं और सामान देखा तो अलमारी से नकदी और जेवर गायब मिले। महिला के मुताबिक अलमारी में करीब 7.50 लाख रुपये नकद रखे थे, जबकि करीब 7 लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण भी थे। आरोप है कि दोनों ही अलमारी से गायब हैं। खास बात यह है कि अलमारी की चाबियां अपनी जगह पर ही थीं।
एक साथ बेहोशी, फिर लाखों की चोरी ने बढ़ाया शक
महिला के मुताबिक घटना की परिस्थितियां सामान्य चोरी की तरफ इशारा नहीं करतीं। पहले दोनों बेटों का अलग-अलग कमरों में बेहोश मिलना और इसके बाद अलमारी से लाखों की नकदी व जेवर गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है। महिला को आशंका है कि इस वारदात में किसी करीबी का हाथ हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते महिला पुलिस को तहरीर देने में देरी होने की बात कह रही हैं। अब उन्होंने पुलिस को मामले में तहरीर सौंप जांच कर नकदी और जेवर बरामद कराने तथा दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पति की मृत्यु के बाद रीता अपने परिवार के साथ रह रही हैं और घर के निचले हिस्से में दवाइयों का कारोबार करती हैं। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा कि दोनों बेटों के बेहोश होने और लाखों के माल के गायब होने के पीछे आखिर क्या कड़ी जुड़ी है। पुलिस मामले की जांच में जुड़ गई है पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा





