Top 5 This Week

Related Posts

दून की बेटी वैशाली भंडारी ने रचा इतिहास, 25,500 नॉटिकल मील की समुद्री परिक्रमा पूरी

देहरादून। दून की बेटी और स्क्वाड्रन लीडर वैशाली भंडारी ने समुद्र में अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की पहली त्रि-सेवा महिला समुद्री परिक्रमा अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ के तहत करीब 25,500 नॉटिकल मील की यात्रा पूरी की। यह अभियान भारतीय महिलाओं की क्षमता, साहस और नारी शक्ति का वैश्विक उदाहरण बनकर सामने आया है।

भारतीय सेना के स्वदेशी नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार दस महिला अधिकारियों के दल ने सितंबर 2025 में मुंबई से इस ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत की थी। करीब नौ महीने चले अभियान में दल ने दुनिया के प्रमुख महासागरों को पार किया और बेहद चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों का सामना किया। अभियान के दौरान भूमध्य रेखा को दो बार पार करने के साथ केप लीविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप जैसे दुर्गम समुद्री क्षेत्रों को भी पार किया गया।

करीब 47 हजार किलोमीटर के बराबर समुद्री दूरी तय करने वाली इस यात्रा में तेज हवाओं, ऊंची समुद्री लहरों, अत्यधिक ठंड और अनिश्चित मौसम जैसी चुनौतियां सामने आईं। दल की प्रत्येक सदस्य ने नौवहन, पाल संचालन, पोत के रखरखाव और अन्य जिम्मेदारियां निभाईं। अभियान के दौरान समुद्री जीवन और माइक्रोप्लास्टिक से जुड़े वैज्ञानिक अध्ययन भी किए गए।

इस अभियान में वैशाली भंडारी के साथ सेना, नौसेना और वायुसेना की अन्य महिला अधिकारी भी शामिल रहीं। दल ने तीन वर्षों तक कठिन प्रशिक्षण लिया था, जिसके बाद उन्हें इस विश्वस्तरीय अभियान के लिए चुना गया।

वैशाली की इस उपलब्धि से देहरादून और उत्तराखंड में खुशी की लहर है। उनकी सफलता ने प्रदेश की बेटियों के लिए नई प्रेरणा कायम की है और यह संदेश दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

Popular Articles