नैनीताल। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर को उत्तराखंड हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। दोनों ने कोटद्वार की निचली अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ अपील के साथ जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने तत्काल जमानत देने से इनकार करते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि अंकिता की मौत आत्महत्या का मामला हो सकती है और आरोपियों के खिलाफ कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। बचाव पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दी गई सजा पर भी सवाल उठाते हुए जमानत की मांग की।
वहीं, राज्य सरकार और पीड़ित पक्ष ने जमानत का विरोध किया। अभियोजन की ओर से डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा गया कि घटना के समय आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल के आसपास मिली थी। अंकिता की व्हाट्सऐप चैट, सीसीटीवी और डीवीआर से जुड़ी जांच को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया गया।
गौरतलब है कि कोटद्वार की अदालत ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष ने निचली अदालत में 47 गवाह पेश किए थे। तीनों पर वनंत्रा रिसॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर शव चीला बैराज में फेंकने का आरोप था।
हाईकोर्ट में दोषियों की अपील और जमानत याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। मामले में अदालत के अगले आदेश पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।





