नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली की अदालत ने रेनुकाई कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज मोतेगांवकर को 9 दिन की CBI कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, मोतेगांवकर पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा में अवैध रूप से पेपर की जानकारी बाहर लाने में भूमिका निभाई। CBI ने इसे गंभीर मामला बताते हुए आरोपी से मामले की गहन जांच के लिए कस्टडी की मांग की थी।
अदालत ने कस्टडी आदेश के दौरान कहा कि जांच एजेंसी को इस मामले में विस्तृत जानकारी जुटाने की जरूरत है। CBI के अधिकारियों ने बताया कि मोतेगांवकर से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी और अन्य संदिग्धों तक पहुँचने के लिए सभी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी के साथ–साथ चिंता भी बढ़ गई है। अधिकारियों ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है और कहा कि कोई भी परीक्षा प्रक्रिया में अनुचित प्रयास करने वाला बख्शा नहीं जाएगा।
हालांकि, मोतेगांवकर के वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं। अदालत ने CBI को निर्देश दिए कि जांच पूरी होने तक आरोपी की सुरक्षा और अधिकारों का पालन किया जाए।
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की घटना छात्रों के लिए चिंता का विषय बन गई है। CBI की जांच से यह साफ हो सकेगा कि मामला कितना व्यापक है और कौन–कौन शामिल हैं।
अधिकारियों ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें और अफवाहों से प्रभावित न हों। CBI ने भी जनता से कहा है कि जांच के दौरान किसी भी तरह की अटकलों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
इस मामले में आगे की जांच और पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेपर लीक किस हद तक हुआ और इसके पीछे कौन–कौन जिम्मेदार हैं।





