चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पी. बेंजामिन ने अपने समर्थकों के साथ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस राजनीतिक बदलाव को AIADMK के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पी. बेंजामिन ने चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएमके का दामन थामा। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता भी डीएमके में शामिल हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और विपक्षी दलों में बढ़ती असंतोष की भावना को दर्शाता है।
हाल के महीनों में AIADMK से कई नेताओं के बाहर जाने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में पी. बेंजामिन का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इससे पार्टी की संगठनात्मक मजबूती पर असर पड़ सकता है।
डीएमके ने पी. बेंजामिन और उनके समर्थकों का स्वागत करते हुए इसे पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण बताया है। वहीं, विपक्षी दल इस घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने का संकेत मान रहे हैं।
तमिलनाडु में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों के बीच यह दल-बदल चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





