नई दिल्ली, भारत सरकार ने टीवी और रेडियो प्रसारण क्षेत्र के लिए एक समान (Uniform) नियामक ढांचा लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य देश में प्रसारण सेवाओं के लिए अलग-अलग पुराने नियमों को समाप्त कर एकीकृत और आधुनिक व्यवस्था बनाना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, टीवी चैनल, एफएम रेडियो, कम्युनिटी रेडियो, डीटीएच (DTH), एचआईटीएस (HITS) और आईपीटीवी (IPTV) जैसी सभी सेवाओं को एक ही व्यापक कानून के अंतर्गत लाने की योजना है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्तमान में प्रसारण सेवाएं कई पुराने कानूनों के तहत संचालित हो रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से 1885 का इंडियन टेलीग्राफ एक्ट शामिल है। नई व्यवस्था के तहत इन्हें हटाकर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है।
सरकार का मानना है कि डिजिटल युग में जब मीडिया प्लेटफॉर्म तेजी से बदल रहे हैं, तब अलग-अलग नियमों की बजाय एक समान ढांचा अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगा।
प्रस्तावित नियमों के लागू होने के बाद टीवी और रेडियो प्रसारण से जुड़े लाइसेंसिंग, निगरानी और संचालन के नियमों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे न केवल प्रसारण कंपनियों के लिए प्रक्रिया आसान हो सकती है, बल्कि डिजिटल और पारंपरिक मीडिया के बीच की दूरी भी कम होने की संभावना है।
सरकार का उद्देश्य है कि पूरे ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में एक समान नियम लागू कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाए। इससे नई तकनीकों जैसे इंटरनेट टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ बेहतर समन्वय भी संभव होगा।





