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चिह्नित 678 लाइसेंस में से 626 शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन पूरा, 94 संदिग्ध लाइसेंस कब्जे में लिए

पुलिस ने 119 शस्त्र थानों में जमा करवाए
एसएसपी ने पत्रकारों को दी जानकारी

रुद्रपुर। दस्तावेजों में कूट-रचना कर पंजाब, यूपी, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, मेघालय, बिहार समेत अन्य बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन्हें स्थानांतरित करा उत्तराखंड में वैध हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ चले अभियान के बाद पुलिस ने 108 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस चिह्नित कर 94 लाइसेंस कब्जे में लेकर 119 शस्त्र थानों में जमा कराए हैं। अब संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस वैध हैं या अवैध, इसके लिए गठित टीम बाहरी राज्यों के संबंधित जिलों में जाकर इनका सत्यापन करेगी।

मंगलवार दोपहर बाद पुलिस लाइन में एसएसपी अजय गणपति ने पत्रकारों को बताया कि दस्तावेजों में कूट-रचना कर पंजाब, यूपी, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, मेघालय, बिहार समेत अन्य बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उनका उत्तराखंड में वैध हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वालों का सत्यापन पुलिस और एसटीएफ ने शुरू किया था। जिसमें काशीपुर सर्किल में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के संबंध में दो प्राथमिकी पंजीकृत कर 13 लोगों को फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने बताया कि पुलिस और एसटीएफ लगातार फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों की जांच कर रही है। पुलिस ने वर्ष 2001 से वर्ष 2026 तक बने शस्त्र लाइसेंसों की जांच की तो 678 लाइसेंस दूसरे राज्यों से बने मिले, जिनका इस्तेमाल जिले में हो रहा था। ऐसे में इन लाइसेंसों की जांच के लिए एसएसपी ने जिला स्तर पर तीन विशेष सत्यापन टीमें गठित की थीं। इनमें दो टीमों ने रुद्रपुर और काशीपुर सर्किल तथा एक टीम बाहरी जनपदों एवं अन्य राज्यों से बनवाए गए शस्त्र लाइसेंसों की जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान चिह्नित 678 लाइसेंस में से 626 शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इनमें 94 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस पुलिस ने कब्जे में ले लिए, जबकि 119 शस्त्र थानों में जमा करवाए गए। एसएसपी ने बताया कि अब गठित तीसरी टीम 94 संदिग्ध लाइसेंस और 119 संदिग्ध शस्त्रों की जांच के लिए यूपी, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, मेघालय और बिहार के संबंधित जिलों में जाकर जांच करेगी। जांच में शस्त्र लाइसेंस फर्जी मिलने पर प्राथमिकी पंजीकृत की जाएगी।

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