चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाणा गांव में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से बड़ी मात्रा में मलबा गांव में आ गया, जिससे कई घरों में मलबा घुस गया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
ग्रामीणों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र से अचानक मलबा आने के कारण गांव के कई हिस्से प्रभावित हुए। मलबे और पानी के तेज बहाव से घरों के आसपास खतरा बढ़ गया। लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद अधिकारियों की टीम मौके के लिए रवाना हुई और हालात का जायजा लिया।
बारिश के कारण उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। चमोली जिले में पहले भी भारी बारिश के दौरान मलबा गिरने और घरों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में जुटना पड़ा है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। स्थानीय अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। चमोली जैसे संवेदनशील जिलों में बारिश के कारण सड़कें बाधित होने, मलबा आने और जनजीवन प्रभावित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
किमाणा गांव में हुए भूस्खलन ने एक बार फिर मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।





