वॉशिंगटन: एलन मस्क की कंपनी SpaceX के एक पुराने रॉकेट का ऊपरी हिस्सा जल्द ही चंद्रमा की सतह से टकराने वाला है। यह अनियोजित टक्कर वैज्ञानिकों के लिए चंद्रमा पर कृत्रिम प्रभाव (Artificial Impact) का अध्ययन करने का दुर्लभ मौका साबित हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, यह रॉकेट हिस्सा Falcon 9 upper stage का है, जो जनवरी 2025 में एक चंद्र मिशन के दौरान इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद से यह अंतरिक्ष में भटक रहा था और अब इसकी दिशा चंद्रमा की ओर हो गई है। वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक यह चंद्रमा के आइंस्टीन क्रेटर क्षेत्र के पास टकराएगा।
रॉकेट का यह हिस्सा करीब 5,400 मील प्रति घंटे (लगभग 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ्तार से चंद्र सतह से टकराएगा। इस भीषण टक्कर से चंद्रमा की सतह पर एक नया गड्ढा बन सकता है और बड़ी मात्रा में धूल व चट्टानी मलबा अंतरिक्ष में उछल सकता है। वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार, इससे लगभग 90 फीट चौड़ा और 16 फीट गहरा क्रेटर बन सकता है।
हालांकि यह घटना पृथ्वी या चंद्रमा पर मौजूद मौजूदा मिशनों के लिए बड़ा खतरा नहीं मानी जा रही है, लेकिन इससे अंतरिक्ष मलबे को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। आने वाले वर्षों में कई देश और निजी कंपनियां चंद्रमा पर मिशन बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं, ऐसे में अंतरिक्ष यातायात प्रबंधन और मलबे की निगरानी महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
वैज्ञानिक इस टक्कर को दूरबीनों और अंतरिक्ष यानों की मदद से रिकॉर्ड करने की कोशिश करेंगे। उनका लक्ष्य यह समझना है कि तेज गति से किसी वस्तु के चंद्रमा से टकराने पर धूल, मलबे और ऊर्जा का व्यवहार कैसा होता है। यह जानकारी भविष्य के चंद्र अभियानों और वहां सुरक्षित संचालन की योजनाओं में मदद कर सकती है।
अंतरिक्ष विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल एक रॉकेट के टकराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बढ़ती अंतरिक्ष गतिविधियों के बीच जिम्मेदार मलबा प्रबंधन की जरूरत को भी रेखांकित करती है।





