किच्छा। नगर निकाय चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर हुए विवाद में थप्पड़ मारे जाने के आरोप के बाद किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने पुलिस को तहरीर देने से इनकार कर दिया है। बेहड़ ने कहा कि वह मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष उठाएंगे।
मंगलवार को मतदान के बाद मंडी समिति परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दे लगाए जाने को लेकर विधायक बेहड़ ने आपत्ति जताई थी। वह कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे थे और स्ट्रांग रूम के बाहर बैठ गए थे। इसी दौरान भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के साथ वहां पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
थप्पड़ मारे जाने का आरोप
विवाद के दौरान बेहड़ ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के साथ मौजूद एक कार्यकर्ता ने उनके साथ हाथापाई की और थप्पड़ मारा। घटना के बाद दोनों पक्षों के समर्थक अलग-अलग स्थानों पर धरने पर बैठ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दोनों नेताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग स्थानों पर रखा। बाद में दोनों को छोड़ दिया गया।
अधिकारियों पर भी उठाए सवाल
कोतवाली से बाहर आने के बाद बेहड़ ने कहा कि वह स्वयं पुलिस को कोई तहरीर नहीं देंगे। उनका कहना है कि घटना अधिकारियों की मौजूदगी में हुई, इसलिए यदि प्राथमिकी दर्ज करनी है तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के सामने रखेंगे और घटना के दौरान अधिकारियों तथा पुलिस की भूमिका का मुद्दा उठाएंगे।
वहीं, पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने विवाद के दौरान स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में आगे की कार्रवाई शिकायत और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।




