नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक से कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 13 दिनों तक चलने वाली यह मोटरसाइकिल यात्रा 26 जुलाई को द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर संपन्न होगी। लगभग 1,900 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का उद्देश्य 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देना और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश के उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और समर्पण को नमन है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ का संदेश राष्ट्रीय एकता और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों ने लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई, बेहद कम ऑक्सीजन और शून्य से 40 डिग्री नीचे तापमान जैसी विषम परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन विजय केवल सैन्य जीत नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन, धैर्य और देशभक्ति का प्रतीक है, जिससे पूरी दुनिया प्रेरणा लेती है।
यात्रा दिल्ली से शुरू होकर चंडीमंदिर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख होते हुए कारगिल पहुंचेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभियान देशवासियों, विशेषकर युवाओं को कारगिल के वीरों के बलिदान से जोड़ने और राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास है।





