हल्द्वानी। कांग्रेस की ओर से हल्द्वानी में आयोजित रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संदेश से अधिक नेताओं की बयानबाजी और हंगामे ने सुर्खियां बटोरीं। कार्यक्रम के दौरान नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजूनाथ टीसी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया।
रैली में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने जनहित से जुड़े सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की और कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने संबोधन में पार्टी की राजनीतिक दिशा और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान कुछ नेताओं की ओर से एसएसपी को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी चर्चा का केंद्र बन गई। इससे रैली के मूल राजनीतिक संदेश पर भी असर पड़ा। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
रैली में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा होती रही। कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारी के खिलाफ सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ने की आशंका भी जताई गई।
कांग्रेस की रैली का उद्देश्य सरकार के खिलाफ पार्टी का राजनीतिक संदेश मजबूती से जनता तक पहुंचाना था, लेकिन एसएसपी को लेकर हुए विवाद ने पूरे कार्यक्रम की चर्चा का रुख बदल दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच भी यह सवाल उठने लगा कि बड़े नेताओं के संदेश के बजाय स्थानीय स्तर की बयानबाजी कैसे प्रमुख मुद्दा बन गई।
इस घटनाक्रम के बाद रैली का राजनीतिक संदेश पीछे छूटता नजर आया और कार्यक्रम से जुड़ी सबसे अधिक चर्चा नेताओं की बयानबाजी तथा एसएसपी प्रकरण को लेकर ही होती रही।





